
पिटकुल ने साल 2023,24 में 142 करोड़ का लाभ अर्जित किया

नौ सार्वजनिक उपक्रमों से 1,279 करोड़ का नुकसान
पहाड़ का सच देहरादून। कैग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन(पिटकुल) सराहनीय लाभ अर्जित करने वाली राज्य की पांच कंपनियों में शामिल है। पिटकुल ने वित्तीय वर्ष 2023,24 में लगभग 142 करोड़ का लाभ अर्जित किया। राज्य के नौ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लगातार घाटे में रहने से राज्य सरकार को 1279.69 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड के कुल 32 सार्वजनिक उपक्रमों में पिटकुल सहित पांच उपक्रम ऐसे हैं जो लाभ अर्जित कर रहे हैं। इनमें पिटकुल के अलावा उत्तराखंड जल विद्युत निगम, उत्तराखंड वन विकास निगम, किच्छा शुगर कंपनी व उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम शामिल हैं।

विधानसभा सत्र में प्रस्तुत सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में केवल 23 सार्वजनिक उपक्रम ही क्रियाशील पाए गए। इनमें से भी 18 उपक्रम ऐसे हैं जिन्होंने वर्ष 2022-23 के लिए अपने वित्तीय विवरण सीएजी को प्रस्तुत ही नहीं किए। इन उपक्रमों के लगभग 80 प्रतिशत खाते अभी भी लंबित हैं।
इन पांच उपक्रमों ने 231 करोड़ का लाभ अर्जित किया
.उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन(पिटकुल)
.उत्तराखंड जल विद्युत निगम
.उत्तराखंड वन विकास निगम
.किच्छा शुगर कंपनी लिमिटेड
.उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम
घाटे में जाने वाले उपक्रम
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड(यूपीसीएल)
उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम
डोईवाला शूगर कंपनी लिमिटेड
गढ़वाल मंडल विकास निगम
उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम लिमिटेड
सरकार ने उपक्रमों पर 4,939.53 करोड़ निवेश किया रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 4,939.53 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो इन उपक्रमों में कुल निवेश का लगभग 56 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त सरकार ने अनुदान और उपदान के रूप में भी अतिरिक्त धनराशि जारी की। बीमार उपक्रमों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वर्ष 2021-22 में 1,284.27 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2022-23 में 20,971.31 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद इन उपक्रमों की वित्तीय स्थिति में कोई खास सुधार नहीं देखा गया।
छह उपक्रमों की संपत्ति पूरी तरह खत्म
कैग के सर्वेक्षण में पाया गया कि छह सार्वजनिक उपक्रमों की कुल संपत्ति पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इन उपक्रमों ने सरकार को 6,588.68 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है, जबकि इनकी संयुक्त पूंजी और आरक्षित निधियां केवल 1,796.68 करोड़ रुपये ही रह गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 20 सार्वजनिक उपक्रमों पर बकाया ऋण उनकी कुल संपत्ति के मूल्य से अधिक है। यह स्थिति इन उपक्रमों की वित्तीय कमजोरी को दर्शाती है। केवल डोईवाला शूगर कंपनी लिमिटेड ऐसा उपक्रम पाया गया जिसकी कुल संपत्तियां उसके बकाया ऋण से अधिक हैं।
लाभ अर्जित करने वाले निगम के मंत्री व प्रबंधन
पिटकुल: सीएम पुष्कर सिंह धामी(ऊर्जा मंत्री)
निगम के अध्यक्ष:आनंद वर्धन(मुख्य सचिव)
प्रमुख सचिव ऊर्जा: डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम
प्रबंध निदेशक: पीसी ध्यानी
जल विद्युत निगम: सीएम पुष्कर सिंह धामी(ऊर्जा मंत्री)
निगम के अध्यक्ष:आनंद वर्धन(मुख्य सचिव)
प्रमुख सचिव ऊर्जा: डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम
प्रबंध निदेशक: डा.संदीप सिंघल
