
गैरसैंण बजट सत्र: स्पीकर पर भेदभाव का आरोप मढ़ा

सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग पर विधायकों का धरना
बेरोज़गारी, महंगाई और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरा
पहाड़ का सच भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन परिसर में विधायकों ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
सदन के अंदर भी स्पीकर पर परम्पराओं को तोड़ने का आरोप लगाया और वेल में जोरदार नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व प्रीतम सिंह समेत सभी कांग्रेस के विधायकों ने सदन के अंदर प्रबल विरोध जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जनहित से जुड़ी सूचनाओं को स्पीकर खारिज कर रही है। आर्य ने कहा कि स्पीकर सरकार के दबाव में आकर विपक्ष के साथ भेदभाव कर रही है और नियमों की अनदेखी हो रही हैं।

भोजनावकाश के बाद इस मुद्दे पर तीखी नोक झोंक हुई। नतीजतन, स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इससे पूर्व,सदन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस बेरोज़गारी, भर्ती घोटालों से आहत युवाओं की पीड़ा, महंगाई की मार, बढ़ते महिला अपराध तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों को उठाया।
आर्य ने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए और ठोस समाधान प्रस्तुत करने चाहिए। विधायकों का कहना था कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता से जुड़े हर महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक और गंभीर चर्चा होनी चाहिए इसलिए बजट सत्र की अवधि बढ़ाकर प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर सार्थक विमर्श सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
