
रुद्रप्रयाग। जिले में 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने एक नवजात कन्या को जन्म दिया है। परिजन छात्रा को पेट दर्द और पथरी की शिकायत समझकर जिला अस्पताल लाए थे। लेकिन डॉक्टरों द्वारा की गई जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए।
प्राथमिक जांच के बाद छात्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे श्रीनगर बेस चिकित्सालय रेफर किया गया। वहाँ अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में गर्भावस्था की पुष्टि हुई, जिसके बाद छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया। इस घटना के उजागर होते ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। रुद्रप्रयाग पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर बाल कल्याण समिति ने तुरंत संज्ञान लिया। समिति के निर्देशानुसार, नवजात शिशु को वर्तमान में ‘स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी’ को सौंप दिया गया है। विशेष बात यह रही कि बच्ची के जन्म के 11वें दिन हिंदू रीति-रिवाज से उसका नामकरण संस्कार भी संपन्न कराया गया। जल्द ही भारत सरकार के दत्तक ग्रहण पोर्टल के माध्यम से बच्ची को गोद देने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ POCSO Act के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। छात्रा ने फिलहाल किसी का नाम उजागर नहीं किया है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है। प्रशासन का कहना है कि पीड़िता को उचित काउंसलिंग और सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

