
हल्द्वानी/पौड़ी। काफी समय से ‘समान कार्य समान वेतन’ की मांग को लेकर आंदोलनरत उत्तराखंड जल संस्थान/पेयजल निगम संविदा कर्मचारियों ने हल्द्वानी और पौड़ी गढ़वाल एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उपनल कर्मचारियों की तर्ज पर उन्हें भी समान कार्य के बदले समान वेतन दिया जाए, साथ ही उन्होंने कहा कि पौड़ी डिविजन से 38 श्रमिक अवैध तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें अतिशीघ्र बहाल किया जाए।
वहीं जिला अध्यक्ष गिरीश नेगी ने बताया कि 20-25 वर्षों से लगभग 3500 श्रमिक 1 से 5 हजार रुपए न्यूनतम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं। इन श्रमिकों ने कोरोना महामारी में भी जान जोखिम में डालकर अपनी सेवाएं जारी रखी, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सभी श्रमिकों की मांगों पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है तो राजधानी देहरादून में वह आर-पार की लड़ाई को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस मौके पर प्रांतीय महामंत्री मंगलेश लखेड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवीर पयाल, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष चन्द्र मोहन खत्री सहित संगठन के कई पदाधिकारियों ने दोनों मंडल मे जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

