
पहाड़ का सच/एजेंसी।
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात हुई है। ये मुलाकात लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में हुई, जहां पर संघ का कार्यालय है। दोनों के बीच ये मुलाकात करीब 35 मिनट तक चली।
संघ प्रमुख दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी में थे और उसी दौरान मुख्यमंत्री का उनसे मिलना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। खास बात यह रही कि यह बातचीत पूरी तरह एकांत में हुई, जिसकी आधिकारिक जानकारी बेहद सीमित रखी गई। खबर है कि उत्तर प्रदेश में संघ के 2 लाख कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। आम जनता तक संघ के कार्यकर्ता पहुंचेंगे। सरकार की नीति के बारे में, योजनाओं के बारे में और लाभार्थियों से संपर्क करेंगे।
SIR को लेकर भी योगी और भागवत के बीच बातचीत हुई। मोहन भागवत चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए आमजन किसी भी हाल में SIR को लेकर पीछे ना रहें। संगठन और सरकार मिलकर काम करें। बचे हुए दिनों में SIR को लेकर, अवैध बांग्लादेशों के खिलाफ जो कार्रवाई हुई उसको लेकर के भी चर्चा हुई।
योगी के हिंदुत्व के एजेंडे के जरिए संघ उत्तर प्रदेश के चुनाव की सोशल इंजीनियरिंग करेगा ताकि 2027 के चुनाव में डबल इंजन की सरकार को तीसरी बार उत्तर प्रदेश में बड़ा बहुमत दिलाया जा सके।
हाल ही में मोहन भागवत इसलिए चर्चा में रहे थे क्योंकि उन्होंने कहा था कि हिंदू समाज को संगठित और सशक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताई थी और कहा था कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। उन्होंने कहा था कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए।

