
रूद्रपुर। रुद्रपुर में पुलिस को सूचना मिली थी कि फर्जी आधार कार्ड बनवाए जा रहे हैं। एसटीएफ कुमांयू यूनिट और ट्रांजिट कैंप पुलिस ने एक संयुक्त कार्यवाही के दौरान मछली मार्केट रोड पर संचालित ‘गंगवार जनसेवा केंद्र’ में छापेमारी कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
अभियुक्त के कब्जे से भारी मात्र में कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, हाईस्कूल की फर्जी अंकतालिकाएं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान चेतन कुमार पुत्र राजपाल, निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में शिमला बहादुर की गड्ढा कॉलोनी में रह रहा था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सिडकुल में नौकरी पाने के इच्छुक बाहरी राज्यों के लोगों को अवैध रूप से उत्तराखंड के पते पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस सूचना पर उपनिरीक्षक विपिन जोशी और उनकी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दुकान पर दबिश दी। मौके पर मौजूद चेतन कुमार के पास से दो ऐसे आधार कार्ड बरामद हुए, जिनमें अंकित बारकोड को स्कैन करने पर असली नाम चेतन कुमार का ही सामने आया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह ‘पिक्सेल लैब’ नामक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए किसी भी आधार या पैन कार्ड में कस्टमर का फोटो, नाम और पता एडिट कर देता था। इसके बाद वह कूटरचित बारकोड चस्पा कर उसका प्रिंट निकालकर ग्राहकों को मनमाने दामों पर बेचता था। पुलिस ने जनसेवा केंद्र से एक कलर प्रिंटर, मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड, बायोमैट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर और एक पोको कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
बरामदगी में 42 आधार कार्ड (2 कूटरचित), 55 पैन कार्ड (1 कूटरचित),9 हाईस्कूल की अंक तालिकाएं (8 कूटरचित छायाप्रतियां), 11 फोटो पेपर शीट और 9 हजार रुपये की नकदी शामिल है। तलाशी के दौरान कंप्यूटर की स्क्रीन पर भी फर्जी अंकतालिकाओं की प्रतियां प्रदर्शित हो रही थीं।
अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि सिडकुल की कंपनियों में भर्ती के लिए स्थानीय दस्तावेजों की मांग की जाती है, जिसका फायदा उठाकर वह लंबे समय से यह अवैध धंधा कर रहा था। आरोपी के पास जनसेवा केंद्र चलाने का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज भी नहीं मिले। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
कार्यवाही के दौरान मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से साक्ष्य सुरक्षित किए गए हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विपिन जोशी, कृष्ण गोपाल मठपाल, अकरम अहमद और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

