
सीबीआई और महापंचायत की मांग के बीच क्या निकलेगा आगे का रास्ता?
संगठनों ने पद्मश्री अनिल जोशी की तहरीर पर सीबीआई जांच से किया इनकार
अंकिता मर्डर-‘वीआईपी’ के मुद्दे पर दून में जुटेंगे 40 से अधिक संगठन
सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग ने पकड़ा जोर
पहाड़ का सच देहरादून। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर कल आठ फरवरी को देहरादून में महापंचायत होने जा रही है। महापंचायत में पूर्व सैनिक,युवा,महिलाएं व प्रवासी उत्तराखंडियों के बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि महापंचायत में 40 से अधिक संगठन जुट रहे हैं।
आंदोलनकारी संगठन, उक्रांद व इंडिया गठबंधन के घटक दलों के अलावा लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने महापंचायत को सफल बनाने की अपील की है। देहरादून के परेड ग्राउंड मैं होने वाली महापंचायत की तैयारी के बीच पुलिस-प्रशासन ने भी कमर कसी हुई है। खुफिया तंत्र महापंचायत में शामिल होने वाले लोगों की अनुमानित संख्या के आंकलन में जुटा है।

धामी सरकार की संस्तुति पर अंकिता मर्डर केस के ‘वीआईपी’ का पता लगाने के लिए सीबीआई ने जॉच शुरू कर दी है। लेकिन अंकिता के माता-पिता व आंदोलनकारी संगठन व राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जॉच की मांग पर डटे हुए हैं। इसी मुद्दे पर आठ फरवरी को दून में महापंचायत बुलाई गई है। महापंचायत के मुद्दे पर शनिवार को आहूत प्रेस वार्ता में प्रमुख आंदोलनकारी कमला पंत ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। श्रीमती पंत ने कहा कि इंडिया गठबंधन, विभिन्न विपक्षी दलों और 40 से अधिक जन संगठनों ने महापंचायत को समर्थन दिया है। महापंचायत के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को अन्य राज्यों से प्रवासी उत्तराखंडी भी भाग लेंगे। बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा भी किया गया है। कचहरी स्थित शहीद स्मारक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में पंपलेट वितरण सहित व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक वीआईपी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचते और अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान मंच के सदस्य एवं पूर्व सैनिक सर्वेश डंगवाल ने कहा कि वर्तमान जांच ऐसे व्यक्ति की एफआईआर पर आधारित है, जो पहले अंकिता को न्याय दिलाने के आंदोलन से नहीं जुड़ा था। उन्होंने पद्मश्री पर्यावरणविद् अनिल प्रकाश जोशी की तहरीर के आधार पर सीबीआई जांच को अस्वीकार्य बताते हुए अंकिता के माता-पिता की तहरीर को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
इस महापंचायत में पूर्व सैनिकों समेत अन्य संगठनों के भी प्रमुख तौर पर हिस्सा लेने की खबरें हैं। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी भी महापंचायत को सफल बनाने की अपील कर अपने इरादे जक्त चुके हैं। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर व अभिनेत्री उर्मिला सनावर के वॉयरल ऑडियो के बाद वीआईपी का मुद्दा नये सिरे से गर्मा गया। उर्मिला के आरोपों के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों व दिल्ली में धरना प्रदर्शन शुरू हुए। चार जनवरी को दून में बड़ा प्रदर्शन भी हुआ।
सितंबर 2022 में अंकिता की हत्या कर दी गयी थी। .इस हत्याकांड में भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य समेत तीन अभियुक्तों को कोटद्वार कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुना दी है। तीनों जेल में हैं और अभी तक जमानत नहीं हुई है।

