
पहाड़ का सच देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर शनिवार को परिषद के आंदोलन का द्वितीय चरण प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में परिषद के तत्वावधान में जनपद मुख्यालयों पर धरना–प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न घटक संगठनों द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि समय से उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
धरना कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान घटक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा 18 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया गया तथा शासन–प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र यथोचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

इस क्रम में जनपद पौड़ी में आयोजित धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम विकास अधिकारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री हर्ष डी जोशी ने सरकार को चेताया कि जब कर्मचारियों को 10, 16 एवं 26 वर्ष पूर्ण होने पर प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया जा रहा है, वहीं माननीय मंत्री एवं विधायकों के वेतन एवं भत्तों में वृद्धि की जा रही है, जो कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय है।
जनपद टिहरी में आयोजित धरना कार्यक्रम में परिषद के जिलाध्यक्ष श्री भगवान सिंह राणा ने कहा कि जब तक गोल्डन कार्ड में व्याप्त विसंगतियों का निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों को इसका यथोचित लाभ नहीं मिल पाएगा।
अल्मोड़ा के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना कार्यक्रम में परिषद के जिलाध्यक्ष श्री उमापति पांडे ने कहा कि जब अन्य राज्य सरकारें पुरानी पेंशन योजना की ओर बढ़ रही हैं, तो उत्तराखंड सरकार इसे लागू करने में अनावश्यक रूप से क्यों हिचकिचा रही है।
उत्तरकाशी के लदाड़ी स्थित विकास भवन में आयोजित धरना–प्रदर्शन कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष श्री प्रकाश पंवार ने कहा कि सरकार वेतन विसंगतियों के लिए समितियों का गठन तो करती है, लेकिन उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती, जिससे आम जनता के धन का दुरुपयोग हो रहा है।
पिथौरागढ़ के विकास भवन में आयोजित धरना कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से वाहन भत्ता मात्र 1200 ही है, जबकि वाहन भत्ता वृद्धि का प्रस्ताव लंबे समय से वित्त सचिव स्तर पर लंबित है और उसे आज तक कैबिनेट में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
इसी प्रकार चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल सहित अन्य जनपदों में आयोजित धरना कार्यक्रमों में विभिन्न घटक संगठनों द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लिया गया तथा आगामी 21 फरवरी 2026 को देहरादून में आयोजित होने वाले एक दिवसीय धरना कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आह्वान किया गया।
देहरादून के गांधी रोड स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता कर विभाग के स्थानीय शाखा अध्यक्ष श्रीमती महिमा कुकरेती ने की एवं धरने के दौरान उपस्थित उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी को ज्ञापन सौंपते हुए परिषद के महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि यदि शासन समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाता है, तो यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने कहा कि सभी घटक संगठनों को परिषदीय रूपरेखा के अंतर्गत रहकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का धरना कार्यक्रम पूरे प्रदेश में पूर्ण रूप से सफल रहा है तथा भविष्य के आंदोलनों की सफलता के लिए सभी घटक संगठनों को एकजुट और संगठित रहने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सरकार को चेताया कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने वाली सरकार के लिए प्रदेश में बने रहना कठिन होगा।
इससे पूर्व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की शाखा पौड़ी एवं देहरादून की कार्यकारिणी का कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत कार्यकारिणी को भंग करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें देहरादून से रविंद्र चौहान, विकास नेगी, उपाध्यक्ष, पिंकेश रावत, जिला सचिव एवं प्रेमलता संपरिक्षक एवं पौड़ी से प्रदीप सुंदरियाल अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
इस अवसर पर प्रमुख पदाधिकारी चौधरी ओमवीर सिंह, ठाकुर शेर सिंह,रविंद्र चौहान, सुरेश डबराल, संदीप पांडे, श्रीमती रेखा भंडारी, जगमोहन सिंह नेगी, सुनील देवली, दिनेश जोशी,गजेंद्र, दिनेश बिजलवान,दिवाकर , पान सिंह राना, राकेश नाथ, श्रीमती सुधा कुकरेती, विकास दुमका, संदीप जोशी, विक्रम जोशी ,नीरज कुमार ,शिव प्रसाद मैथानी ,सुभाष कुमार, प्रताप सिंह चौहान ,अजेंद्र चौहान ,संजय चौहान, मनोज भट्ट, राजीव कुमार ,सुनील निरंजन, दिनेश सती ,मुकेश नैथानी,मंडल अध्यक्ष श्री हर्षमोहन नेगी, संतान सिंह बिष्ट, सांभरी भट्ट, मुकेश नेगी, संतोषी नेगी, कुलदीप सजवान सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

