
– गढ़वाल दौरे के दूसरे दिन एमडी पिटकुल ध्यानी ने किया कई प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण

– thdc के अफसरों ने पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी की कार्य शैली को सराहा
पहाड़ का सच देहरादून। पिटकुल की बेहतरी के लिए जांच भी,संवाद भी और फटकार भी। इसी मंत्र के साथ पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी काम कर रहे हैं। गढ़वाल दौरे के दूसरे दिन एमडी पिटकुल ध्यानी ने किया कई प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया। Thdc के अफसरों ने पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी की कार्य शैली को सराहा।

गढ़वाल की निर्माणाधीन परियोजनाओं के निरीक्षण भ्रमण के तहत शुक्रवार को कई परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया। एमडी के निरीक्षण कार्यक्रम को पिटकुल कार्मिकों ने सराहनीय बताया। कार्मिकों का कहना है कि पहली बार किसी प्रबंध निदेशक का इतना व्यापक स्थलीय निरीक्षण कार्यक्रम हो रहा है। .एमडी ने शुक्रवार को सबसे पहले निर्माणाधीन 400 केवी जी.आई.एस. उपसंस्थान का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा GIS बिल्डिंग, कंट्रोल रूम बिल्डिंग फॉउंडेशन्स तथा गुणवत्ता मानकों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उपसंस्थान के निर्माण कार्य मे तेजी लाने हेतु कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। गुणवत्ता की परख हेतु अधिशासी अभियंता टीएंडसी को सैंपल लेकर जांच करने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रबंध निदेशक द्वारा क्रेन लिफ्ट में बैठकर 40 फुट ऊँचाई से बिल्डिंग व पूरे परियोजना स्थल का निरीक्षण किया गया। कार्यदायी संस्था के समस्त लंबित मामलों का साइट में ही समाधान कर शीध्र सामग्री की आपूर्ति व निर्माण कार्य को 20 मार्च तक पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया।
इसी क्रम में निर्माणाधीन 400 केवी विष्णुप्रयाग पीपलकोटी लाइन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था की कार्य में उदासीनता को देखते हुए प्रबंध निदेशक द्वारा घोर असंतोष व्यक्त किया एवं संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कड़े निर्देश दिए गए। कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी करने हेतु निर्देशित किया गया जिसपर संस्था द्वारा कार्य मे प्रगति एवं शीध्र कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया। .तदोपरांत प्रबंध निदेशक द्वारा 74 मी गहरी सर्ज शाफ्ट में जाकर टी.एच.डी.सी. के कार्यों की अद्यतन स्थिति को भी देखा गया।

इसके बाद निर्माणाधीन परियोजनाओं के निरीक्षण भ्रमण के तहत निर्माणाधीन 520 मेगावाट एन.टी.पी.सी. हाइड्रो जल विद्युत गृह में एन.टी.पी.सी. हाइड्रो के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में 400 केवी विष्णुप्रयाग पीपलकोटी लाइन की अद्यतन स्थिति एवं उत्पादन की अद्यतन स्थिति की चर्चा हुई। अधीक्षण अभियंता लाइन डिज़ाइन व सबस्टेशन डिज़ाइन को प्रोटेक्शन, डेटा स्पीच व कम्युनिकेशन के सम्बंध में एन.टी.पी.सी. हाइड्रो के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग करने के निर्देश दिए गए।
एन.टी.पी.सी. हाइड्रो के प्लांट व जी.आई.एस. उपसंस्थान व स्विचयार्ड का भ्रमण किया गया। एमडी ने पीपलकोटी में निर्माणाधीन कार्यालय का निरीक्षण किया । कार्यदायी संस्था को तेजी से कार्य करने तथा कार्य मे गुणवत्ता रखने हेतु आवश्यक निर्देश निर्गत किये गए। मुख्य अभियंता जानपद प्रभारी को पीपलकोटी की शेष भूमि में अन्य निर्माण सम्बन्धी विवरण उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। तदोपरान्त पीपलकोटी के कार्यालय में पिटकुल के अधिकारियों व कार्मिकों के साथ बैठक कर सभी को अपने पूर्ण मनोयोग से कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
ध्यानी द्वारा गढ़वाल की निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था एवं पिटकुल के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए
टीएचडीसी के परियोजना प्रमुख द्वारा प्रबंध निदेशक पी सी ध्यानी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए पिटकुल और टीएचडीसी की परियोजनाओं को समय से पूर्ण करने की शुभकामनायें दी गयी
प्रबंध निदेशक द्वारा गढ़वाल की निर्माणाधीन परियोजनाओं के निरीक्षण भ्रमण के तहत टी.एच.डी.सी. के परियोजना प्रमुख अजय वर्मा से बैठक कर 400 केवी उपसंस्थान पीपलकोटी व टी.एच.डी.सी के जल विद्युत उत्पादन के निर्माण से संबंधित मामलों में वार्ता की गई। टी.एच.डी.सी. के परियोजना प्रमुख अजय वर्मा द्वारा पिटकुल के 400 केवी उपसंस्थान पीपलकोटी व लाइन में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों एवं प्रबंध निदेशक की कार्यशैली की प्रशंसा की गई।
स्थानीय मुददों को आपसी समन्वय से सुलझाने हेतु भी वार्ता की गई तथा टी.एच.डी.सी व पिटकुल की परियोजनाओं को ससमय पूर्ण करने हेतु एक दूसरे को शुभकामनाएं दी गयी। इसके साथ ही प्रबंध निदेशक द्वारा गढ़वाल की निर्माणाधीन परियोजनाओं के निरीक्षण भ्रमण के तहत पीपलकोटी में निर्माणाधीन कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया। कार्यदायी संस्था को तेजी से कार्य करने तथा कार्य मे गुणवत्ता रखने हेतु आवश्यक निर्देश निर्गत किये गए। मुख्य अभियंता जानपद प्रभारी को पीपलकोटी की शेष भूमि में अन्य निर्माण सम्बन्धी विवरण उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। तदोपरान्त पीपलकोटी के कार्यालय में पिटकुल के अधिकारियों व कार्मिकों के साथ बैठक कर सभी को अपने पूर्ण मनोयोग से कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
