
देहरादून। राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान के बाद शकील अहमद सियासी घेरे में आ गए हैं, वहीं कांग्रेस के भीतर इस बयान को लेकर असहजता भी साफ नजर आ रही है। हरीश रावत ने शकील अहमद की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जो आलू सड़ जाता है, वह ढेर से बाहर हो जाता है और फिर उसका कोई महत्व नहीं रहता।”

शकील अहमद ने कहा, राहुल गांधी सबसे कायर और नासमझ इंसान, बयान के बाद कांग्रेस में मचा बवाल
हरीश रावत के इस बयान को शकील अहमद के राजनीतिक कद और प्रासंगिकता पर सीधा हमला माना जा रहा है। रावत ने स्पष्ट शब्दों में संकेत दिया कि पार्टी छोड़ चुके नेताओं की टिप्पणियों का अब कोई महत्व नहीं है। दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे शकील अहमद ने राहुल गांधी को ‘डरपोक’ और ‘असुरक्षित’ नेता बताते हुए आरोप लगाया था कि वह पार्टी में केवल उन्हीं युवा नेताओं को आगे बढ़ाते हैं जो उनकी प्रशंसा करते हैं और चापलूसी में लगे रहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र के अभाव का भी दावा किया था, जिससे राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।
हरीश रावत ने न सिर्फ इस बयान की आलोचना की, बल्कि भाजपा और केंद्र सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कहा कि यह सनातन धर्म और उसकी परंपराओं पर सीधा प्रहार है। रावत के अनुसार विवाह एक पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार है, लेकिन यूसीसी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर विवाह जैसी परंपरागत व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
