
उत्तराखंड के सभी बड़े नेताओं की दिल्ली में राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात

चुनावी रणनीति पर चर्चा, नई कार्यकारिणी गठन पर सस्पेंस बरकरार
पिछले दो महीनों के कार्यक्रमों की समीक्षा, अगले तीन महीने की कार्य योजना देने के निर्देश
पहाड़ का सच नई दिल्ली/देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित उत्तराखंड कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं की मंगलवार को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बैठक ली। बैठक में राज्य में पिछले दो महीनों में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा अगले तीन महीने के कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठनात्मक बदलावों से लेकर प्रदेश के ज्वलंत राजनीतिक मुद्दों तक पर गहन चर्चा हुई। बैठक में उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के विशेष आमंत्रित सदस्य करण माहरा,काजी निजामुद्दीन, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा शामिल रहीं।
सभी नेताओं ने एक सुर में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेताओं की एकसाथ मौजूदगी नई कार्यकारिणी गठन की सुगबुगाहट को तेज कर रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय हाईकमान नई कार्यकारिणी गठन को भी एक अहम जिम्मेदारी के तौर पर देख रहा है। सूत्रों का कहना है कि दोनों बड़े नेताओं खड़गे और राहुल गांधी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले को अंजाम तक पहुंचाने तक कांग्रेस आन्दोलन जारी रखे।
कुरुक्षेत्र शिविर का असर, बदलेगा संगठन का ढांचा
बैठक में हाल ही में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित 10 दिवसीय ‘संगठन सृजन शिविर’ के फैसलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस शिविर के बाद कांग्रेस ने उत्तराखंड में संगठनात्मक ढांचे में बड़े और निर्णायक बदलाव की रणनीति बनाई जा रही है।
ज्वलंत मुद्दों पर भी हुई चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपने सोशल मीडिया पेज पर दिल्ली में हाईकमान से हुई बैठक की फोटो साझा की है जिसमें उत्तराखंड के तमाम बड़े पदाधिकारी और नेता दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट के मुताबिक, महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड से जुड़े ज्वलंत मुद्दों (अंकिता भंडारी हत्याकांड, किसान सुखवंत सिंह की मौत और मनरेगा बचाओ अभियान) पर गंभीर, सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। पिछले दो महीने के अंतराल में हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के अलावा अगले तीन महीने के कार्यक्रम तय करने के निर्देश दिए गए।
चुनावी मोड में कांग्रेस
दिल्ली में हुई यह मुलाकात साफ संकेत दे रही है कि कांग्रेस उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है। संगठन को मजबूत करने, जमीनी नेताओं को ताकत देने और स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने प्रमुखता से रखने की रणनीति अब तेजी से आगे बढ़ती दिख रही है।
