
पहाड़ का सच/एजेंसी।

दिल्ली – मेरठ हाईवे पर आधी रात को दो कारों में सवार युवकों ने दबंगई दिखाते हुए हिसार जा रही रोडवेज बस में तोड़फोड़ कर दी। आधी रात को हुई इस घटना से सवारियों में भी दहशत मच गई। पुलिस के आने तक आरोपित गाड़ियां लेकर फरार हो गए थे। मामले को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की संवेदनहीनता भी देखने को मिली। चालक के लिखित शिकायत करने पर उसे रिसीविंग तक नहीं दी गई।
रोडवेज के काठगोदाम डिपो की एक बस रोजाना की तरह सोमवार रात आठ बजे हल्द्वानी से हरियाणा के हिसार के लिए रवाना हुई थी। चालक शिवराज सिंह ने बताया कि गाड़ी में 40 यात्री बैठे थे। साढ़े 12 बजे करीब गजरौला फ्लाईओवर के पास चढ़ाई के कारण बस की रफ्तार धीमी हो गई। इस बीच दो कारों में सवार युवकों ने रोडवेज बस के आगे अपनी गाड़ी लगाकर चालक-परिचालक से यह कहते हुए गालीगलौज शुरू कर दी कि रोडवेज की रफ्तार कम होने की वजह से उनकी कार बस में भिड़ सकती थी।
इस पूरी घटना में रोडवेज कर्मियों और यात्रियों का सबसे बड़ा दर्द पुलिस की बेरुखी को लेकर है। आरोप है कि जब चालक मदद मांगने यूपी पुलिस के पास पहुँचा, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस के सामने ही दबंग गाली-गलौज और तोड़फोड़ करते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई। घटना के समय यात्रियों द्वारा बनाए गए वीडियो में बस की हालत और पुलिस की मौजूदगी साफ देखी जा सकती है, जिससे विभाग की काफी किरकिरी हो रही है।
वहीं उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन का कहना है कि अगर हाईवे पर सरकारी बसें और उनके कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस मदद नहीं करेगी, तो वे दिल्ली रूट पर बसों का संचालन बंद कर सकते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
