
– आरक्षित वन भूमि में अतिक्रमण का आरोप

पहाड़ का सच देहरादून। अधिवक्ता संदीप चमोली ने पर्यावरणविद् एवं पद्म भूषण व पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी पर आरक्षित वन भूमि में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली ने देहरादून वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी को इस संबंध में शिकायत सौंपते हुए जांच की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि देहरादून वन प्रभाग की आर्केडिया बीट, अशारोड़ी रेंज स्थित आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर HESCO द्वारा वर्षों से संस्था का संचालन किया जा रहा है, जहां भवनों और सड़कों का निर्माण कर परिसर का लगातार विस्तार किया गया। अधिवक्ता चमोली का आरोप है कि यह विस्तार वन कानूनों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
संदीप चमोली के अनुसार, उन्होंने ISRO-BHUVAN सैटेलाइट मानचित्र और Google Earth के वर्ष 2011, 2013, 2024 और 2025 के तुलनात्मक चित्रों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है। इन चित्रों में आरक्षित वन भूमि के भीतर निर्माण और ढांचे के बढ़ते क्षेत्र को दर्शाया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस से Forest Conservation Act, 1927 के प्रावधानों का उल्लंघन होता है। अधिवक्ता ने वन विभाग से मांग की है कि मामले की स्थलीय जांच कर तथ्यों की पुष्टि की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस बारे ने डॉ अनिल जोशी से संपर्क नहीं हो पाया। उनसे संपर्क होने के बाद उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जाएगा।

