
हरिद्वार। विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) श्याम आर्य और उनके निजी सहायक गौरव शर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

श्याम आर्य को कुछ समय पहले ही हरिद्वार में तैनात किया गया था। इससे पहले यहां के डीएसओ तेजबल सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद विभागीय स्तर पर बदलाव किया गया था। व्यवस्था सुधार के उद्देश्य से भेजे गए श्याम आर्य खुद अब घूस लेते हुए विजिलेंस के जाल में फंस गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्याम आर्य और उनके निजी सहायक गौरव शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने एक राशन डीलर से कार्य से संबंधित लाभ देने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। मांग से परेशान होकर राशन डीलर ने सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। बरामद की गई रकम को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं है।
कार्रवाई के बाद पूर्ति विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की सूचना दे दी गई है, वहीं आम जनता और राशन डीलरों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सतर्कता अधिष्ठान ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
