
– कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग दोहराई, मामले की एसआईटी की जांच शुरू

– भाजपा विधायक अरविंद पांडे भी सीबीआई जांच के समर्थन में, ई-मेल, मोबाइल व फायर आर्म की फॉरेंसिक जांच
देहरादून। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में गठित विशेष अन्वेषण दल (SIT) ने जनपद उधमसिंहनगर के थाना आईटीआई पहुंचकर विवेचना प्रारंभ कर दी है। SIT द्वारा केस डायरी एवं अन्य संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

SIT ने थाना काठगोदाम से मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन तथा अन्य अभिलेखीय साक्ष्यों का अवलोकन प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही मृतक के मोबाइल फोन एवं घटना में प्रयुक्त फायर आर्म को फॉरेंसिक परीक्षण हेतु FSL भेजा जा रहा है।
SIT की तकनीकी टीम द्वारा मृतक के ई-मेल का विस्तृत परीक्षण शुरू कर दिया गया है। उक्त ई-मेल में मृतक द्वारा कुछ स्थानीय व्यक्तियों एवं पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक जांच की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि आयुक्त कुमाऊँ मंडल द्वारा की जा रही मजिस्ट्रेट जांच के अतिरिक्त, इस प्रकरण से संबंधित सभी अभियोगों की विवेचनात्मक कार्यवाही IG STF की अध्यक्षता में गठित SIT द्वारा ही की जाएगी। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के अनुसार, SIT द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन परीक्षण किया जा रहा है।

देहरादून में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
विपक्षी दल कांग्रेस ने मामले की सीबीआई जांच को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस ने डीजीपी मुख्यालय का घेराव किया। कांग्रेस ने सुखवंत आत्महत्या केस की सीबीआई जांच की मांग की। प्रदर्शन में नेता विपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, उप नेता भुवन कापड़ी,पूर्व विधायक राजकुमार समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद था।
सुखवंत आत्महत्या प्रकरण में भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने भी मोर्चा खोला हुआ है। पांडे भी लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच, बुजुर्ग दम्पत्ति ने भी अरविंद पांडे पर जमीन कब्जे का आरोप लगाया है।इस आरोप पर पांडे ने कहा कि उनकी भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। बहरहाल, सुखवंत आत्महत्या प्रकरण में कांग्रेस और भाजपा विधायक पांडे ने तीखा हमला बोला हुआ है। इस मामले में अभी तक दो दारोगा व बारह पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। सुखवंत ने आत्महत्या से पहले वीडियो बनाने के अलावा मेल के जरिये भी कई लोगों को आपत्ति भेजी है।
इस मेल में कई गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। एसआईटी इस मेल की भी जांच करेगी।

सीबीआई जांच और आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निलंबन की मांग
जनपद उधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह की मौत के मामले में आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से जुलूस निकालते हुए पुलिस मुख्यालय का घेराव कर किसान की मौत की सीबीआई जांच कराये जाने की मांग की ।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकडों की संख्या में कांग्रेसजन प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय एकत्र हुए जहां से उन्होंने पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया तथा पुलिस मुख्यालय का घेराव करते हुए किसान आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने को लेकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन दिया।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा है कि 10 जनवरी 2026 को जनपद उधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र में ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह नामक किसान द्वारा पुलिस प्रताड़ना के चलते आत्महत्या किए जाने की अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना सामने आई है। यह घटना न केवल अत्यंत गंभीर है, बल्कि क्षेत्र की आम जनता व किसानों में भय, असुरक्षा, असंतोष एवं आक्रोश का वातावरण भी उत्पन्न कर रही है। किसान की आत्महत्या के पीछे के कारण इंसानियत को झकझोर देने वाले हैं।
मृतक किसान के परिजनों एवं स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त किसान द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के खिलाफ धोखाधड़ी करने वाले भू-माफियाओं को पुलिस द्वारा संरक्षण दिया जा रहा था तथा तहरीर देने वाले किसान को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी प्रकार राज्य पुलिस पर खनन माफियाओं को भी लगातार संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगते आ रहे है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य में विगत लम्बे समय से कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है तथा काशीपुर में किसान की आत्महत्या का मामला इसका जीता जागता उदाहरण है। यह न केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला है, अपितु राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रशासन के माथे पर कलंक है। पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और सत्ता के अहंकार के आगे एक किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुआ तथा इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया। इस प्रकार के कृत्यों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता जनता को सोचने के लिए मजबूर करती है कि पुलिस कर्मी अपने परिवार के सुखचैन के लिए किसी के जीवन को खरीद रहे हैं तो यह राज्यवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
किसान द्वारा की गई धोखाधडी की शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की बजाय उल्टे आरोपियों से पैसे लेकर शिकायत कर्ता किसान को ही प्रताडित करना और धमकाना शुरू किया जिसके लिए उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। किसान इस देश का अन्नदाता है और काशीपुर के पैगा ग्रामवासी किसान की आत्महत्या का मामला अत्यधिक संवेदनशील है। यदि इस मामले की गहन जांच नहीं होती, तो इससे आम जनता का कानून-व्यवस्था एवं प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि मृतक किसान द्वारा मृत्यु पूर्व घोषणा में जनपद उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का नाम स्पष्ट रूप से इस आशय से लिया गया है कि इनकी भूमिका भू-माफियाओं के समर्थन में थी, जिस कारण मृतक ने अपनी जान दी। यह भी सोचनीय विषय है कि पुलिस विभाग द्वारा अभी तक उक्त आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पद से नहीं हटाया गया है तथा जिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है, उसी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर पुलिस के दायित्वों की इतिश्री कर ली गई है। .इससे हमें आशंका है कि उत्तराखंड पुलिस इस गंभीर मामले में पसंवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं तत्परता से कार्रवाई करेगी तथा पीड़ित किसान को न्याय मिलेगा।
कार्यक्रम के उपरान्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, गोदावरी थापली ने पुलिस महानिदेशक को तीन मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुलिस महानिदेशक से मांग करते हुए कहा किः-
जनपद उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाय।
किसान आत्महत्या मामले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाय। आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराई जाय।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रेमानन्द महाजन, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजीव महर्षि, विजय सारस्वत, अनुपम शर्मा, गोदावरी थापली, राजेन्द्र शाह, नवीन जोशी, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी, पूर्व सैनिक अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, विरेन्द्र रावत, प्रभुलाल बहुगुणा, राजपाल खरोला, विरेन्द्र पोखरियाल, सुरेन्द्र रांगड, अभिनव थापर, अमरजीत सिंह, शिवानी थपलियाल मिश्रा, नरेशानन्द नौटियाल, रॉबिन त्यागी, महेन्द्र सिंह नेगी, मानवेन्द्र सिह, टीकाराम पाण्डेय, पूरन सिंह रावत, टीटू त्यागी, सुमेन्द्र बोरा, अश्विनी बहुगुणा, अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओमप्रकाश सती, शीशपाल बिष्ट, संदीप चमोली, कामेश्वर राणा, प्रदीप जोशी, महन्त विनय सारस्व्त, संजय शर्मा, जगदीश धीमान, नीनू सहगल, प्रशांत खंडूरी, सावित्री थापा, ऐतात खान, ललित भद्री, उर्मिला थपा, प्रणीता बडोनी, सागर मनवाल, मोहन काला, विजयपाल रावत, देवेन्द्र सिंह, आशा मनोरमा शर्मा, पुष्पा पंवार, निधि नेगी, सुन्दर लाल मुयाल, अनिल नेगी, सुलेमान अली, राजकुमार जायसवाल, अनुराधा तिवाडी, विरेन्द्र पंवार, गुल मोहम्मद, रघुवीर बिष्ट, विनीत प्रसाद भट्ट, बलवीर पंवार, सूरज क्षेत्री, महेश जोशी, नितिन बिष्ट, हुकम सिंह कठैत, स्वाति नेगी, आशीष सैनी, मदन कोली मौजूद रहे।
