
– सीएम धामी, पशुपालन मंत्री बहुगुणा व स्वास्थ्य मंत्री डा.रावत व आईजी आईटीबीपी गुंज्याल की मौजूदगी में हुआ अनुबंध

– राज्य के तीन जिलों पिथौरागढ़, चमोली व उत्तरकाशी से होगी शुरुआत,एक साल बाद समीक्षा
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड के तीन सीमांत जिलों राज्य के तीन जिलों पिथौरागढ़, चमोली व उत्तरकाशी में मानव व पशुओं की प्राथमिक उपचार की सुविधा में आईटीबीपी सहयोग करेगी। एक साल बाद इस प्रयोग की समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री , पशु पालन मंत्री , स्वास्थ्य मंत्री व आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल की मौजूदगी में अनुबंध हुआ।

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में निवासियों को चिकित्सा सेवा एवं प्राथमिक पशु चिकित्सा सेवाओं की निरंतर और उच्च गुणवत्ता वाली उपलब्धता सुनिश्चित करना है। पहले चरण में, तीन जिलों पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के 108 सीमावर्ती गांवों को शामिल किया गया है।
इन गांवों में, पशुपालन विभाग के उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ITBP के पशु चिकित्सकों और पैरामेडिक्स द्वारा प्राथमिक पशु चिकित्सा सेवाएं, टेली-मेडिसिन, और पशु स्वास्थ्य की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस समझौते के तहत, प्रत्येक पशु के लिए वेटरिनरी हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा, जिससे टीकाकरण और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
इसके लिए एक संयुक्त संचालन समिति का गठन किया गया है, जो निर्णय लेने और आवश्यक समीक्षा करने के लिए जिम्मेदार होगी। यह समझौता प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए लागू होगा और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। इस समझौते के माध्यम से, एक ऐसा व्यवस्थित और जवाबदेह ढांचा तैयार किया गया है, जिसमें मानव संसाधन, लॉगिस्टिक्स, वित्तीय आपूर्ति, टीकाकरण जैसे सभी पहलुओं को एकीकृत रूप से शामिल किया गया है ।
स्वास्थ्य विभाग एवं आईटीबीपी के मध्य हुए समझौता के बारे में स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि उक्त क्षेत्र की जानता को आईटीबीपी के चिकित्सकों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।
पशुपालन विभाग , स्वास्थ्य विभाग और आईटीबीपी के बीच MOU हस्ताक्षर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा , स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ,आईजी आईटीबीपी संजय गुंजियाल , सचिव पशुपालन बीवीआरसी पुरुषोत्तम और निदेशक पशुपालन डॉ उदय शंकर एवं महानिदेश स्वास्थ्य डॉ सुनीता टम्टा की उपस्थिति में हुआ।
