
ब्रह्ममुहूर्त से गंगा के सभी घाटों पर लगा रहा तांता, कड़ाके की ठंड व घने कोहरे में भी लाखों ने लगाई डुबकी

हरिद्वार। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बाद भी मकर संक्रांति के दिन हरिद्वार में गंगा के सभी घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।

बुधवार को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण होने के साथ ही गंगा स्नान का विशेष महत्व है। उत्तराखंड में गंगा के किनारे बसे अन्य शहरों की तुलना में हरिद्वार में हरकी पैड़ी में स्नान करने का महत्व अलग ही है। कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और तेज सर्द हवाओं के बावजूद ब्रह्ममुहूर्त से ही हरकीपौड़ी सहित सभी प्रमुख घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
हर-हर गंगे के जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा । श्रद्धालुओ ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया और सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की कामना की। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था थी। पूरे मेला क्षेत्र को आठ जोन और 22 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। यातायात प्रबंधन के लिए भारी वाहनों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए थे।
देव डोलियां भी स्नान के लिए पहुंची
पहाड़ों से देव डोलियां भी गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंची। विभिन्न देवी-देवताओं की पालकियां (डोलियां) भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ लाई गई जिससे धार्मिक उल्लास और अधिक बढ़ गया है। यह दृश्य आस्था का अनुपम संगम प्रस्तुत करता रहा है, जहां मानव भक्तों के साथ-साथ देवताओं की उपस्थिति भी पर्व की पवित्रता को दोगुना कर रही है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, तिल-खिचड़ी दान और देव दर्शन से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
