
देहरादून। उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन और उद्देश्यपूर्ण प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए, UPES ने शहीद मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के 12वें संस्करण में जीत दर्ज करते हुए लगातार छठी बार चैम्पियनशिप अपने नाम की। प्रोजेक्ट नमन के अंतर्गत आयोजित यह वार्षिक टूर्नामेंट देश के वीर शहीदों के साहस और बलिदान को सम्मानित करता है, साथ ही उनके परिवारों को सार्थक वित्तीय एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करता है।


यह टूर्नामेंट 2 जनवरी 2026 को UPES बिधोली परिसर में प्रारम्भ हुआ और इसे केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के शहीद स्वर्गीय मोहन लाल (एएसआई) को समर्पित किया गया, जिन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए वाहन-आधारित आत्मघाती हमले में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
9 जनवरी 2026 को खेले गए फाइनल मुकाबले में UPES ने सिंचाई विभाग, हरिद्वार के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा मुकाबले में 147 रनों से जीत हासिल की और खिताब पर मुहर लगाई।
फाइनल मुकाबले में प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए UPES के प्रियंक सिंह को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। मोहित मियाँ ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 327 रन बनाकर ‘सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़’ का पुरस्कार और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब अपने नाम किया। वहीं, UPES के मोहम्मद तौसीफ को 12 विकेट लेने के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़’ घोषित किया गया।
टूर्नामेंट के 12वें संस्करण का उद्घाटन UPES के माननीय प्रो वाइस चांसलर डॉ. जयशंकर एलास्सेरी वरियर द्वारा UPES के संकाय सदस्यों और कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया। लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में आयोजित इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड की आठ टीमों ने भाग लिया, जिनमें UVJNL विकासनगर, सिंचाई विभाग हरिद्वार, जल संस्थान, पेय जल निगम, ऊर्जा भवन, UPCL हरिद्वार, कृषि विभाग और UPES शामिल थे।
प्रोजेक्ट नमन की भावना के अनुरूप, UPES ने शहीद स्वर्गीय मोहन लाल (एएसआई) की पत्नी श्रीमती सरिता देवी को ₹5 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की, जो शहीद परिवार के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्थन का प्रतीक है।
इस अवसर पर UPES के रजिस्ट्रार मनीष मदान ने कहा, “शहीद मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट हमारे लिए केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह कृतज्ञता और स्मरण की सामूहिक अभिव्यक्ति है। प्रोजेक्ट नमन के माध्यम से UPES हमारे वीर शहीदों के साहस और बलिदान को सम्मान देने के लिए उनके परिवारों के साथ सार्थक रूप से खड़ा है। यह टूर्नामेंट इस विश्वास को दर्शाता है कि खेल समुदायों को जोड़ सकता है, मूल्यों को स्थापित कर सकता है और उन वीरों की विरासत को जीवित रख सकता है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।”
2014 से शहीद मेमोरियल टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के विस्तार के रूप में संचालित, प्रोजेक्ट नमन UPES और उसके कर्मचारियों के सहयोग से एक गैर-लाभकारी पहल के रूप में कार्य करता है। इस पहल और अन्य CSR गतिविधियों के माध्यम से, UPES खेल और सेवा को एक साथ जोड़ते हुए बलिदान का सम्मान करता है और समाज में दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव सृजित करता है।
