
चंपावत। जिले के कोट केंद्री गांव निवासी पुष्पा देवी, पत्नी रतन सिंह, सोमवार शाम गाय के लिए चारा काटते समय पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन गांव में सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने मजबूरी में डोली बनाकर घायल महिला को करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क पोथ तक पहुंचाया।

इसके बाद वहां से वाहन की मदद से करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर पुष्पा देवी को टनकपुर अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि समय पर इलाज मिलने से महिला की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सड़क न होने का खामियाजा ग्रामीणों को आए दिन भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोट केंद्री गांव में न तो सड़क सुविधा है, न प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था और न ही मोबाइल नेटवर्क। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में ग्रामीण पूरी तरह असहाय हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सुविधाओं के अभाव में अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मरीजों, गर्भवती महिलाओं और घायलों को डोली में ढोने के लिए भी लोग नहीं मिलते। युवा पलायन कर चुके हैं और बुजुर्गों पर ही यह जिम्मेदारी आ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मांग वे कई बार शासन और प्रशासन के सामने उठा चुके हैं। हर बार केवल सर्वे कराने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर आज तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। सड़क न होने के कारण गांव से तेजी से पलायन हो रहा है और जो लोग बचे हैं, वे भी कठिन हालात में जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने क्षेत्र के विधायक और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा चंपावत जिला प्रशासन से गांव को सड़क से जोड़ने की पुरजोर मांग की है।
