
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🌞~ वैदिक पंचांग ~🌞
⛅दिनांक – 06 जनवरी 2026
⛅दिन – मंगलवार
⛅विक्रम संवत् – 2082
⛅अयन – दक्षिणायण
⛅ऋतु – शिशिर
🌥️ अमांत – 22 गते पौष मास प्रविष्टि
🌥️ राष्ट्रीय तिथि – 16 पौष मास
⛅मास – माघ
⛅पक्ष – कृष्ण
⛅तिथि – तृतीया सुबह 08:01 तक, तत्पश्चात् चतुर्थी प्रातः 06:52 जनवरी 07 तक, तत्पश्चात् पंचमी
⛅नक्षत्र – अश्लेशा दोपहर 12:17 तक तत्पश्चात् मघा
⛅योग – प्रीति रात्रि 08:21 तक तत्पश्चात् आयुष्मान्
⛅राहुकाल – दोपहर 02:55 से शाम 04:11 तक (हरिद्वार मानक समयानुसार)
⛅सूर्योदय – 07:13
⛅सूर्यास्त – 05:31 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त हरिद्वार मानक समयानुसार)
⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में
⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 05:24 से प्रातः 06:17 तक (हरिद्वार मानक समयानुसार)
⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:11 से दोपहर 12:54 तक (हरिद्वार मानक समयानुसार)
⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:06 जनवरी 07 से रात्रि 12:59 जनवरी 07 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️व्रत पर्व विवरण – अंगारकी – मंगलवारी चतुर्थी (सुबह 08:01 से सुबह 06:52 जनवरी 07 तक), लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी, सकट चौथ
🌥️विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
🔹जकड़ाहट, आमवात, जोड़ों का दर्द आदि हो तो….
🔸शरीर जकड़ा हुआ है, आमवात, जोड़ो का दर्द, घुटनों का दर्द आदि कि शिकायत ज्यादा है तो भोजन के समय १ गिलास गुनगुना पानी रखो । उसमें अदरक के रस की १०-१२ बुँदे डाल दो अथवा चौथाई ग्राम ( १ चनाभर) सौंठ-चूर्ण मिला दो । भोजन के बीच-बीच में २ -२ घूँट वह पानी पियो ।
🔸८० ग्राम लहसुन कि कलियाँ कूट के १०० ग्राम अरंडी के तेल में डाल दें और गर्म करें । कलियाँ जल जायें तो वह तेल उतार के रख लें । इससे घुटनों को, जोड़ों को मालिश करने से फायदा होता है ।
🔹बरकत लाने व सुखमय वातावरण बनाने हेतु🔹
🔸जिस घर में भगवान का, ब्रह्मवेत्ता संत का चित्र नहीं है वह घर स्मशान है । जिस घर में माँ-बाप, बुजुर्ग व बीमार का खयाल नहीं रखा जाता उस घर से लक्ष्मी रूठ जाती है । बिल्ली, बकरी व झाड़ू कि धूलि घर में आने से बरकत चली जाती है । गाय के खुर कि धूलि से, सुहृदता से , ब्रह्मज्ञानी सत्पुरुष के सत्संग से घर का वातावरण स्वर्गमय, सुखमय, मुक्तिमय हो जाता है ।
🔹पति-पत्नी के झगड़े या अनबन🔹
🔸पति-पत्नी में झगड़े होते हों, तलाक को नौबत आ जाए अथवा पति-पत्नी में मन नहीं बनता है तो पति अपने सिर के नीचे सिन्दूर रख के सो जाए और पत्नी अपने सिर के नीचे कपूर रख के सो जाए । सुबह उठे तो कपूर की आरती कर डालें और पति सिन्दूर घर में फ़ेंक दें, तो पति-पत्नी का स्वभाव अच्छा हो जायेगा ।
