

ऋषिकेश में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, 11 अवैध निर्माण सील

नियम विरुद्ध निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं: बंशीधर वीसी mdda
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 11 बहुमंजिला इमारतों को सील कर दिया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे किसी भी अनधिकृत निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राधिकरण ने निर्मल बाग, वीरभद्र रोड, हरिद्वार रोड और होटल गंगा अशोक के पास बने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की। इनमें आवासीय भवन, कॉलोनियां और स्कूल भवन शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी निर्माणकर्ताओं को पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए ने साफ किया है कि उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई होती रहेगी।
ऋषिकेश में सीलिंग के प्रमुख मामले
1️⃣ निर्मल बाग, गली नंबर 11 : मनीष अग्रवाल द्वारा 30×70 फीट क्षेत्रफल पर प्रथम और द्वितीय तल का निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
2️⃣ गली नंबर 11 : रघुन शर्मा द्वारा 30×50 फीट क्षेत्र पर भू-तल और प्रथम तल का अवैध निर्माण। नोटिस के बावजूद नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
3- वीरभद्र रोड : प्रदीप दुबे द्वारा अवैध निर्माण। पहले अधूरी कार्रवाई हुई थी। पुलिस बल की मदद के साथ नियम विरूद्व अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
4️⃣ निर्मल बाग, गली नंबर 10 : रवि द्वारा 30×40 फीट में तीन मंजिला अवैध निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
5️⃣ निर्मल बाग, गली नंबर 11 : विपिन चौधरी द्वारा 30×100 फीट क्षेत्र पर स्कूल और कॉलोनी का निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
6️⃣ हरिद्वार रोड, कोयल ग्रांट : स्वामी दयानंद महाराज द्वारा मानचित्र के विपरीत निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
7️⃣ रेड फोर्ट रोड स्कूल के पास : सुरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा 25×60 फीट पर तृतीय तल का अवैध निर्माण। नोटिस के बावजूद कोई मानचित्र नहीं। नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
8️⃣ गली नंबर 4, होटल गंगा अशोक के पास: श्रीमती अनीता पुजारा द्वारा 26×50 फीट पर कॉलोनी निर्माण। नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
9️⃣ निर्मल ब्लॉक बी, गली नंबर 11 : अनुज द्वारा 60×50 फीट क्षेत्र में कॉलम निर्माण। नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।
निर्मल बाग, गली नंबर 11 : सागर द्वारा 20×50 फीट क्षेत्र पर नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया।