
– रुद्रप्रयाग में घोड़े-खच्चरों में इक्वाइन इन्फ्लुएंजा से सरकार अलर्ट, मंत्री ने की अफसरों की बैठक
पहाड़ का सच देहरादून।
रुद्रप्रयाग जिले में घोड़े खच्चरों में इक्वाइन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि के बाद पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मामले में बैठक कर घोड़े खच्चरों की अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए हैं।
विभागीय मंत्री ने सचिवालय में हुई बैठक में कहा, रुद्रप्रयाग में घोड़े खच्चरों में इक्वाइन इन्फ्लुएंजा संक्रामक रोग की पुष्टि हुई है। निकट भविष्य में चार-धाम यात्रा प्रस्तावित है। ऐसे में शीर्ष प्राथमिकता पर घोड़े, खच्चरों की स्क्रीनिंग की जाए, ताकि रोगग्रस्त पशु यात्रा में शामिल न हो सकें। विभागीय मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर एवं चमोली जिलों के साथ-साथ प्रदेश की सीमाओं पर स्थापित पशु रोग नियंत्रण चौकियों पर समस्त घोड़े खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया आए। .
इसके अलावा अन्य सीमावर्ती राज्यों से चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले घोड़े, खच्चरों को अनिवार्य रूप अपने जिलों से स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाणपत्र एवं इक्वाइन इन्फ्लूएंजा की निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही प्रदेश में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए कि इस रोग के संक्रमण को रोकने के लिए अपने जिले में क्वारंटीन केन्द्रों की स्थापना करेंगे।
साथ ही उपचार के लिये सभी आवश्यक दवाओं की व्यवस्था करेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक सप्ताह में शुरू हो जाएंगे पुनर्निर्माण कार्य
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में एक सप्ताह में पुननिर्माण कार्यों के पुनः शुरू होने की उम्मीद है।यहां कार्यदायी संस्थाओं के मजदूर पहुंचने लगे हैं, जो अपने आवास व अन्य व्यवस्थाएं कर रहे है। लोक निर्माण विभाग के मजदुर पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में जुटे हैं। बीते वर्ष दिसंबर के आखिरी हफ्ते से लेकर मई के पहले सप्ताह तक केदारनाथ में बर्फबारी हुई जिस कारण वहां पुनर्निर्माण कार्य बंद करने पड़े। अब बर्फ पिघलने से धाम में अगले एक सप्ताह में पुनर्निर्माण कार्य पुन शुरू होने की उम्मीद जगी है।
वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी और गावर कंपनी के मजदूर केदारनाथ पहुंच गए हैं जो अपने लिए आवासीय व्यवस्था कर रहे हैं। वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के टीम प्रभारी सेवानिवृत्त कैप्टन शोभन सिंह बिष्ट का कहना है कि अगले तीन-चार दिनों में 100 से 150 मजदूर पहुंच जाएंगे और पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
पूरी करें तैयारियां बिजली, पानी हो सुचारू : डीएम
गोपेश्वर। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बदरीनाथ धाम में तैयारियों का जायजा लिया। डीएम ने यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यात्रा शुरू होने से पहले समय से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। डीएम ने जल संस्थान, ऊर्जा नियम और संचार विभाग के अधिकारियों को पानी, बिजली और संचार की व्यवस्था जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां सीवर का काम होना है उसे प्राथमिकता के साथ पूरा करें। डीएम ने दर्शन लाइन में क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण भी किया।
यह भी निर्देश दिए कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग इस रोग के संक्रमण को रोकने के लिए अपने जिले में क्वारंटीन केन्द्रों की स्थापना करेंगे।
यात्रा मार्ग पर पिंक टॉयलेट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग को अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर पिंक टॉयलेट व्यवस्था को सुचारू और दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से चार धाम यात्रा मार्ग व पर्यटन नगरों में महिलाओं के लिए को सार्वजनिक शौचालयों का प्रबंध करने को कहा है। उन्होंने पत्र में कहा कि देश ने विभिन स्थानों से पर्यटक आते हैं। ऐसे में सभी सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए साफ सुथरा शौचालय होना बेहद आवश्यक है, जिनका ध्यान रखा जाए।आयोग की अध्यक्ष ने इस ओर जिलाधिकारियों को भी लिखा गया है कि इस बारे ने ध्यान देने की जरूरत है। कंडवाल का कहना है कि जहां शौचालय बने हैं. उनकी देख रेख व नियमित सफाई नहीं होती । सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल को लेकर महिलाओं के साथ विभिन्न समस्या होती है। ग से पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
कोटद्वार में 15 से बनेंगे वाहनों के ग्रीन कार्ड, तैयारियां शुरू
कोटद्वार। उत्तराखंड में 30 अप्रैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के लिए कोटद्वार में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। यात्रा में जाने के लिए वाहन स्वामियों की ओर से अपने वाहनों को फिट करने का काम शुरू कर दिया गया है। ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने जीएमओ समेत सभी कंपनियों और समितियों को आगामी 15 अप्रैल से कोटद्वार में ही ग्रीन कार्ड बनाने की सुविधा दिए जाने की सूचना दे दी गई है।
यात्रियों को परोसें स्वच्छ व स्वस्थ थाली
श्रीनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की पहल पर नगर क्षेत्र के होटल व रेस्टोरेंट संचालकों के साथ खाद्य सुरक्षा मानक को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। खाद्य सुरक्षा एवं खाने के वेस्टेज से बचाने के लिए उन्होंने सीमित मात्रा में भोजन परोसने को कहा।
