
– पूर्व संसदीय कार्य मंत्री व कांग्रेस नेता इंदिरा हृदयेश की जयंती पर कांग्रेस मुख्यालय में लगाया गया मुफ्त नेत्र चिकित्सा शिविर
पहाड़ का सच देहरादून।
प्रदेश की पूर्व मंत्री व नेता प्रतिपक्ष रहीं कांग्रेस की दिवंगत नेता डॉक्टर इंदिरा हृदयेश की 84 वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अमृतसर आई अस्पताल द्वारा मुफ्त आंखों की जांच का शिविर लगाया गया।
शिविर के शुभारंभ के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने कहा कि डॉक्टर इंदिरा हृदयेश उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश की मूर्धन्य विद्वान राजनेता रहीं व अपने लंबे संसदीय कार्यकाल में उन्होंने एक विधायक के रूप में उत्तर प्रदेश के उच्च सदन व उत्तराखंड की विधानसभा में विधायक , मंत्री व नेता प्रतिपक्ष के रूप में जो मानदंड बनाए वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहेंगे। .उन्होंने कहा कि डॉक्टर इंदिरा हृदयेश ने संसदीय मर्यादाओं का हमेशा पालन व निर्वहन किया व उनके अनुभवों का लाभ उनके समकालीन अन्य राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों व मंत्रियों ने हमेशा साझा किया। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन एवं प्रशाशन सूर्यकांत धस्माना ने डॉक्टर इंदिरा हृदयेश को एक कुशल प्रशासक व मंझा हुआ नेता बताते हुए कहा कि राज्य की लोक निर्माण मंत्री व दूसरे कार्यकाल में राज्य की वित्त व संसदीय कार्य मंत्री के रूप में जो काम इंदिरा जो ने किया वो अतुलनीय हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली निर्वाचित सरकार में जब श्रीमती इंदिरा हृदयेश लोक निर्माण मंत्री बनीं तो उन्होंने पूरे राज्य में सड़कों का जाल बिछाया और पांच साल में जो कार्य उन्होंने किए वो अगली चार सरकारों में नहीं हुआ।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, महानगर अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी, देवेंद्र सिंह, गिरिराज किशोर हिंदवाण , श्रीमती गरिमा मेहरा दसौनी, श्रीमती प्रतिमा सिंह, श्रीमती सुजाता पॉल, विकास नेगी, आनंद सिंह पुंडीर, विनीत भट्ट बंटू, श्रीमती मंजू त्रिपाठी, सुलेमान, दिनेश सिंह कौशल, युद्धवीर पंवार, सुनीत सिंह, मधुसूदन सुंदरियाल, श्रीमती आशा मनोरमा शर्मा, श्रीमती सुशीला बेलवाल शर्मा, श्रीमती पुष्पा पंवार ,विपुल नौटियाल समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर इंदिरा हृदयेश को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
मुख्यालय में लगे आंखों की जांच शिविर में अपनी आंखों की जांच करवाई। शिविर में डॉक्टर के नेतृत्व में लगभग 80 मरीजों की जांच की।
